तेरी याद..

ये मत कहना कि से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा,
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज़ रखे हैं,
तुम्हारी नफरतों की पीर को ज़िंदा नहीं रखा।

सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली,
एक तुझको भूल जाने की मोहलत नहीं मिली,
करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर,
हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत नहीं मिली।

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